महिला और बाल विकास मंत्रालय और वेदांता ने ‘अगली पीढ़ी’ की 4,000 आंगनवाडि़यों के निर्माण के लिए सहमति पत्र पर हस्‍ताक्षर किये

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The Joint Secretary, Ministry of Women & Child Development, Dr. Rajesh Sharma and the Managing Director & CEO, Cairn India, Shri. Mayank Ashar exchanging the signed documents of an MoU to develop and modernize 4000 Anganwadis in the Country, in New Delhi on September 21, 2015.

महिला और बाल विकास मंत्रालय और वेदांता ने देश में ‘अगली पीढ़ी’ की 4,000 आंगनवाडि़यों के निर्माण के लिए सहमति पत्र पर हस्‍ताक्षर किये हैं।

भारत सरकार के महिला और बाल विकास मंत्रालय में संयुक्‍त सचिव डॉ. राजेश कुमार और केर्न इंडिया के प्रबंध निदेशक व मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी श्री मयंक अशार ने आज नई दिल्‍ली में ‘अगली पीढ़ी’ की आंगनवाडि़यों को तैयार किये जाने को लेकर सहमति पत्र पर हस्‍ताक्षर किये।

महिला और बाल विकास मंत्रालय में सचिव श्री वी. सोमासुंदरन ने सहमति पत्र पर हस्‍ताक्षर के लिए आयोजित कार्यक्रम में कहा कि हम आंगनवाडि़यों के आधुनिकीकरण की योजना बना रहे हैं और इन्‍हें ऐसे शक्तिदाताओं के रूप में स्‍थापित करना है, जो न केवल गांवों में पूरक पोषण और आधारभूत स्‍वास्‍थ्‍य सेवायें प्रदान करेंगी, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को सामुदायिक विकास में उनकी भागीदारी को भी बढ़ावा देंगी।

वेदांता के अध्‍यक्ष श्री अनिल अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा, ‘आदर्श आंगनवाडि़यों की स्‍थापना के लिए महिला और बाल विकास मंत्रालय के साथ जुड़कर हमें खुशी हो रही है। ये आधुनिक आंगनवाडि़यां भारत के बच्‍चों को एक बेहतर वातावरण उपलब्‍ध कराएंगी। स्‍वस्‍थ बच्‍चे और सशक्‍त महिलाएं गरीबी व कुपोषण मिटाएंगी तथा एक समृद्ध राष्‍ट्र बनाएंगी। इस पहल में सरकार के साथ हिस्‍सेदारी करना हमारा सौभाग्‍य है, विशेषकर क्‍योंकि यह देशभर में बच्‍चों को गुणवत्‍तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने और महिलाओं के कौशल विकास के हमारे माननीय प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के साथ तालमेल रखते हैं।’ वेदांता ‘अगली पीढ़ी’ के आंगनवाड़ी केन्‍द्रों का निर्माण करेगा और इस पर 400 करोड़ रूपये लगाएगा। ये आंगनवाड़ी केन्‍द्र आंध्र प्रदेश, असम, छत्‍तीसगढ़, झारखंड, मध्‍य प्रदेश, महाराष्‍ट्र, ओडिशा, राजस्‍थान, तेलंगाना और उत्‍तर प्रदेश आदि राज्‍यों में बनाये जाएंगे। ये बहुविध क्षमताओं से युक्‍त आदर्श आंगनवाडि़यां किसी खास जिले के 25-30 के कलस्‍टरों में बनाई जाएंगी। ग्राम पंचायतों की ओर से आंगनवाडि़यों के लिए भूमि उपलब्‍ध कराई जाएगी।

आंगनवाड़ी को महिला और बाल विकास मंत्रालय के फ्लैगशिप कार्यक्रम-समन्वित बाल विकास योजना (आईसीडीएस) के अधीन सेवा वितरण इकाई के रूप में स्‍थापित किया गया है। आधुनिक आंगनवाडि़यों में मंत्रालय की ‘समन्वित महिला और बाल विकास योजना’ के मौजूदा आंगनवाड़ी प्रारूप को जोड़ा जाएगा। इससे बच्‍चों के लिए ई-लर्निंग के माध्‍यम से शिक्षण का वातावरण मजबूत होगा और महिलाओं का कौशल विकास भी होगा। यह केन्‍द्र रोगप्रतिरक्षण, स्‍त्री-पुरूष आधारित संवेदनशीलता और माताओं के स्‍वास्‍थ्‍य की देखभाल के लिए एक केन्‍द्रबिन्‍दु के रूप में भी काम करेगा।

बच्‍चों को आधुनिक शिक्षण का वातावरण उपलब्‍ध कराने के अलावा ये नये केन्‍द्र महिलाओं और बालिकाओं को अनेक प्रकार का कौशल प्रदान करके उन्‍हें सशक्‍त बनाने के लिए एक मंच के रूप में भी काम करेंगे। यहां बच्‍चों की शिक्षा पर 50 प्रतिशत समय दिया जाएगा और शेष आधा समय महिलाओं के कौशल विकास पर दिया जाएगा।

बच्‍चों और महिलाओं को प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य सेवायें प्रदान करने के लिए इन ‘अगली पीढ़ी’ की आंगनवाडि़यों की पहुंच वेदांता द्वारा प्रदत्‍त चिकित्‍सा वाहनों तक भी रहेगी।

 

Source – PIB

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