शराब दुकान संचालन के विरोध में महिलाओं ने किया धरना प्रदर्शन

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धनबाद (ब्यूरो)- बिहार में शराबबंदी के बाद झारखंड में सरकार द्वारा शराब बेचने के फैसले का जमकर विरोध हो रहा है। धनबाद में इन दिनों सरकारी शराब दुकानों के संचालन का विरोध महिलाओं द्वारा युद्धस्तर पर जारी है। पिछले तीन दिनों से धनबाद में महिलाओं ने मोर्चा खोल रखा है। वहीं धनबाद शहरी क्षेत्र में खोले गए अब तक तीन दुकानों में विरोध के बाद दो दुकानों को बंद कर दिया गया है।

सरकारी हुई शराब तो लोगों ने वैध समझ ली-
धनबाद में कुल 51 दुकानें खोलने का प्रस्ताव है, फिलहाल 26 दुकानें खुल चुकी हैं। आलम यह है कि सराकर खुद शराब बेच रही है तो लोगों ने इसे वैध समझ ली। शराब दुकानों के बाहर पुलिस का पहरा है और लंबी-लंबी लाइनों में लगकर लोग शराब खरीद रहे हैं। बीच बजार में शराब के लिए कतार लगने से आम लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई है।

एक तरफ लोग जाम से दो चार हो रहे है, तो वहीं महिलाओं को युवतियों का चलना मुश्किल हो गया है। इन सब के कारण से गुरुवार को महिलाओं ने स्थानीय वार्ड पार्षद अंदिला देवी की अगुवाई में शराब दुकान के बाहर जमकर सरकार व स्थानीय प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी की और बरटांड़ में शराब दुकान के बाहर दुकान बंद करने की मांग को लेकर धरना दे दिया। दर्जनों महिलाओं ने दुकान के बाहर प्रदर्शन किया।

महिलाओं का यह विरोध प्रदर्शन करीबन दो घंटे तक चला। इसी बीच महिलाओं के विरोध के समर्थन में उतरे स्थानीय लोगों के साथ उत्पाद विभाग के पदाधिकारियों की हल्की नोक झोंक भी हुई। सूचना पाकर पुलिस बल मौके पर पहुंची। महिलाओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे दुकान बंद करने या दूसरे जगह स्थानांतरण की मांग पर अड़ी रहीं। अंदिला देवी ने कहा कि जब तक शराब दुकान यहां से नहीं हटाई जाती, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। बाद में उत्पाद विभाग के अधिकारी और महिला पुलिस मौके पर पहुंची।

दोपहर ढाई बजे दुकान स्थानांतरण के आश्वासन और उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाने, एक सप्ताह के अंदर दुकान को धैया क्षेत्र में किसी खाली स्थान पर ले जाने का भरोसा दिया गया जिसके बाद महिलाएं वहां से हटीं। महिलाओं के शराब दुकान से हटने के बाद शराब की बिक्री पुन: शुरू कर दी गई। इस संबंध में उत्पाद आयुक्त डॉ राकेश कुमार ने कहा कि जब तक सिंडिकेट की दुकानें चलती थी, तब न तो किसी को आपत्ति थी और न ही कोई शिकायत उनके पास आई। अब जब सरकार शराब बेच रही है तो आंदोलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हालांकि लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखा गया है। धनबाद में सभी 51 दुकानें खुलने से भीड़ कम हो जाएगी। किसी भी कीमत पर दुकानों के बाहर और आस-पास शराब पीने नहीं दिया जाएगा। ऐसा होने से किसी को परेशानी नहीं होगी।

रिपोर्ट- गणेश रावत

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