पति के दीर्घायु जीवन के लिए महिलाये रखती है तीजा का व्रत

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छत्तीसगढ़ (रा. ब्यूरो) – जिला बालोद के नगर पंचायत गुरुर के दुकानों में दिखी रौनक त्योंहार का मौसम आते ही दुकानें सजने लगी लोगों को लुभाने के लिए दुकानदार अपना अपना तरीका अपना रहे हैं अभी महिलाओं का सबसे बड़ा पर्व जिसे हम महापर्व भी कह सकते हैं छत्तीसगढ़ में इसे तीजा पर्व कहते हैं खासकर महिलाओं का त्यौहार है जैसे जैसे त्यौहार नजदीक आ रहे हैं बाजारों में ग्राहकों की रौनक बढ़ने लगी है खासकर कपड़े की दुकान में और सिंगार सदन में महिलाओं की भीड़ देखने को मिल रहा है राधा साहू ने बताया कि छत्तीसगढ़ में वर्षा रितु की समाप्ति के बाद तिजा पोला पर्व मनाया जाता है खेती के काम मे निदाई समाप्त होते ही खेती किसानी का काम भी निपट जाता है इसके बाद ससुराल में रह रही महिलाओं को कुछ वक्त मिलता है|

इसी वक्त में तीजा मनाने के लिए अपने मायके जाती है तीजा का व्रत महिलाएं सिर्फ अपने पति के दीर्घायु जीवन के लिए ही नहीं रखती बल्कि वे इस व्रत के साथ परिवार की खुशहाली की भी कामना करती है रानी साहू ने बताया कि तीजा खासतौर पर बहू बेटियों का पर्व है छत्तीसगढ़ में तीजा पर बेटी का माइका आने का परंपरा है और इस परंपरा के कारण ही पोला के बाद भाईया या पिता ससुराल से लेकर मां के घर आती हैइस तरह तीजा पर्व मनाया जाता है जिस भी लड़की का शादी होता है वह इसी तीजा पर अपनी सहेलियों से मिलता है यह एक अपनी सखी सहेली से मिलने का एक सुनहरा अवसर भी कह सकते हैं यह परंपरा भारतवर्ष में खासकर छत्तीसगढ़ में बहुता प्रचलन है इस परंपरा के आधार पर घर आए हुए बेटियां बहन को वस्त्र दिया जाता है

 

रिपोर्ट :- खिलावन चन्द्राकर 

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