पहाड़ और जंगल को समाप्त करने पर उतारू लकड़ी और पत्थर माफिया

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जरमुणडी:झारखण्ड(रा.ब्यूरो)- लकड़ी माफिया और पत्थर माफिया के हौसले इतने बुलंद है कि उनके सामने पुलिस प्रशासन से लेकर वन विभाग तक बौने नजर आते हैं| दुमका जिला के जरमुंडी प्रखंड अंतर्गत तालझारी थाना क्षेत्र व जरमुणडी थाना क्षेत्र में पड़ने वाले जितने भी पहाड़ हैं इन सभी पहाड़ों मैं पेड़ों की कटाई अंधाधुन जारी है|

इस क्षेत्र के प्रायः सभी पहाड़ अपनी हरियाली और दुर्लभ वनस्पतियों के लिए विख्यात था लेकिन जब से वन माफिया की गिद्ध दृष्टि इस पर पड़ी है पेड़-पौधों का नामोनिशान मिट गया है| वनों से आच्छादित यह पहाड़ दूर-दूर तक वीरान नजर आता है| कुछ समय पहले पहाड़ के पड़ोस में बसे गांव के लोगों और मवेशियों के लिए यह स्थान जन्नत से कम नहीं हुआ करता था|

स्थानीय लोग यहां पाई जाने वाली अनमोल जड़ी बूटियों से जहां लाईलाज रोगों का उपचार किया करते थे| वही मवेशियों के लिए यह मनपसंद चारागाह स्थल भी हुआ करता था| पहाड़ की इस दुर्दशा का वर्णन करते हुए स्थानीय लोग आज रो पड़ते हैं लोग वन माफिया के रसूख को लेकर कुछ भी बोलने की हिम्मत नहीं करते हैं| नाम नहीं छापने की शर्त पर एक महिला ने कहा पहाड़ से वनों की अंधाधुंध कटाई का फायदा अब पत्थर माफिया को मिल रहा है|

जिसकी बुरी नजर बहुत पहले से ही पहाड़ पर थी वर्तमान में पहाड़ की जो स्थिति है इससे जान पड़ता है कि आने वाले समय में सिर्फ इसके अवशेष ही बचे रहेंगे| क्योंकि ऐसा कोई दिन नहीं जाता है जिस दिन इन पहाड़ों में ब्लास्टिंग नहीं किया जाता हो दिन में ब्लास्टिंग करते हैं औऱ दुसरे दिन सुबह सुबह 5:00 बजे के लगभग प्रायः पहाड़ों में आपको ट्रैक्टर पत्थर लोड करते हुए दिखाई पड़ जाएंगे|

रिपोर्ट-धनंजय कुमार सिंह

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