पारस HMRI में घुटना प्रत्यारोपण पर वर्कशॉप, बिहार-झारखंड के डाॅक्टरों ने देखी लाइव सर्जरी

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प्रतीकात्मक

पटना: राजधानी के पारस HMRI सुपर चब हाॅस्पिटल, राजाबाजार में शनिवार से शुरू द्वितीय बिहार ‘नी एंड सोल्डर’ आॅथ्रोस्कोपी एंड आॅस्टियोटॅमी वर्कशॉप विथ लाइव सर्जरी में लिगामेंट टूटने और घुटना घिस जाने की दो-दो लाइव सर्जरी की गयी| इस वर्कशॉप में बिहार-झारखंड के करीब 55 डाॅक्टरों ने भाग लिया| देश के जाने-माने सर्जन डाॅ. अनंत जोशी ने जहां लिगामेंट की सर्जरी की, वहीं घुटना घिसने की सर्जरी देश के प्रख्यात हड्डी रोग विषेशज्ञ डाॅ. जाॅन मुखोपध्याय ने की|

इस मौके पर डाॅ. अनन्त जोशी ने कहा कि लिगामेंट टूटने से जोड़ अस्थिर हो जाता है तथा जोड़ के पास सूजन, चलने में दिक्कत होती है| साथ ही बार-बार घुटना घुम जाता है| सड़कों के उबड़-खाबड़ रहने तथा खेल मैदान में गड्ढों के होने, बाथरूम में गिरने तथा स्कूटी चलाने की दुर्घटना में लिगामेंट टूटते हैं| उन्होंने कहा कि अपने देश में सड़कों पर आवारा कुत्तों के घुमने से भी मोटरसाइकिल या स्कूटर दुर्घटनाग्रस्त होते हैं जिसमें सवार के लिगामेंट टूटने का अंदेशा बना रहता है| उन्होंने कहा कि घुटने में लिगामेंट फिश प्लेट की तरह काम करता है जिसके टूटने से चलने में अस्थिरता पैदा हो जाती है| युवा अवस्था में इसका टूटना अच्छा नहीं माना गया है| लिगामेंट टूटने से बचाव के लिए लोगों को दुर्घटना से बचना चाहिए|

घुटना घिसने की सर्जरी करने वाले डाॅ. जाॅन मुखोपाध्याय ने कहा कि हमलोग की कोशिश रहती है कि जोड़ को बचाया जाए और इसलिए आॅस्टियोटॅमी की जाती है| उन्होंने कहा कि जिनकी उम्र 40-45 है और चलने में दिक्कत है और इस उम्र में घुटना रिप्लेसमेंट उचित नहीं है, इसलिए आॅस्टियोटॅमी की जाती है| इस सर्जरी में हड्डी की एंगल बदली जाती है जिसमें मरीज को चलने में दिक्कत खत्म हो जाती है और जोड़ भी बचा रह जाता है| उन्होंने कहा कि 40-50 के उम्र के 10 से 15 प्रतिशत लोगों में हड्डी घिसने की समस्या आ जाती है|

दूसरे लिगामेंट की सर्जरी पारस HMRI हाॅस्पिटल के हड्डी रोग विषेशज्ञ डाॅ. अरविंद प्रसाद गुप्ता तथा दूसरे घुटना घिसने की सर्जरी मुम्बई के डाॅ. भूशण सबनिस ने की| लाइव सर्जरी के दौरान आॅपरेशन करने वाले डाॅक्टर लेक्चर भी दे रहे थे| कार्यशाला में आये डाॅक्टरों ने डेमो में भी सर्जरी सीखी| इस मौके पर डाॅ. कंचन भट्टाचार्या तथा डाॅ. के.डी. त्रिपाठी ने माॅडरेटर की भूमिका अदा की| इससे पूर्व डाॅ. अनन्त जोशी. जाॅन मुखोपाध्याय, पारस HMRI के डायरेक्टर डाॅ. तलत हलीम, डाॅ. भूषण सबनिस एवं आॅर्गनाइजिंग कमिटी के सेक्रेट्री डाॅ. अरविंद प्रसाद गुप्ता आदि ने दीप जलाकर वर्कशॉप का शुभारम्भ किया|

रिपोर्ट- आशुतोष कुमार सिंह

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