दुनिया के सबसे खतरनाक कमांडो जिनका नाम सुनते ही आतंकवादियों के पसीने छूट जाते हैं

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1. ब्रिटिश SAS

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ये कमांडो इतने खतरनाक हैं कि दुनिया के लगभग सभी स्पेशल फोर्सेस को इन्ही के मॉडल पर ही बनाया जाता है | यहाँ तक कि अमेरिका कि डेल्टा फ़ोर्स भी इसी मॉडल पर बनायी गयी है | युद्ध सम्बन्धी सभी परिस्थितियों से निपटने के लिए दुनियाँ में इनका कोई विकल्प नहीं है | ये फ़ौज सील की भांति मैदानों में लड़ने के लिए जितना प्रशिछित हैं उतना ही MI-5 और MI-6 जितना गहरी जांच में सक्षम है | इराक में सील कमांडो के साथ ऑपरेशन में इस फ़ोर्स ने अद्भूत परिणाम दिए हैं|

2.नेवी सील –

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दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकी ओसामा बिन लादेन को मौत के घाट उतारने के बाद सारी दुनिया में नेवी सील का नाम इतनी तेजी से फैला कि बच्चा-बच्चा आज इनका नाम जनता है | नेवी सील अमेरिका के सबसे अच्छे कमांडो हैं जो जमीन पर होने वाले सभी ऑपरेशन में नेवी सील सबसे कारगर साबित हुए हैं | नवीनतम हथियारों से लैश ये जवान दुश्मनों के लिए यमराज का दूसरा रूप है| हर मौसम और विषम से विषम परिस्थितियों में युद्ध के लिए इनको हर तरह के हथियारों और उपकरणों से युक्त किया गया है | किसी भी तरह के ऑपरेशन को अंजाम तक पहुंचाने के लिए या फिर कमांडोस को प्रशिक्षित करने के लिए ये सबसे ज्यादा नियुक्त किये जाते हैं |

3.मार्कोस (MARCOS)-

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भारत में तैयार मरीन कमांडो फ़ोर्स के इन जवानों को इनकी बहादुरी और सफल ऑपरेशन के लिए विश्व भर में सराहना मिलती है | HALO और HAHO प्रशिछित इन कमांडो को घातक युद्ध हथियार जैसे- रायफल , स्नाइपर से सुसज्जित किया जाता है तथा इन्हें विशेष मनोवैज्ञानिक परिस्थितियों से लड़ने का सबक भी सिखाया जाता है | 98% रिजेक्शन दर के कारण ही आज तक भारत ऐसे केवल 2000 कमांडो ही तैयार कर सका है किन्तु ये 2000 भी किसी फ़ौज से कम नहीं | वो दिन दूर नहीं जब आतंकवादियों के घर (पकिस्तान) को सबक सिखाने के लिए इनको भेजा जाएगा | भारत ने अब तक इन जवानों सम्बन्धी लगभग सभी जानकारियों को पूरे विश्व से गुप्ता रखा है | यहाँ तक कि इनकी पहचान और संख्या को भी पूरी तरह से सार्वजनिक नहीं किया गया है |”मार्कोस दुनिया के सबसे ताकतवर और खतरनाक कमांडो हैं | मानसिक और शारीरिक छमताओं में ये नेवी सील को भी पीछे छोड़ देते हैं | मानना है कि 2020 तक जब भारत विश्व शक्ति बनेगा तब आधुनिक हथियारों से सुसज्जित ये कमांडोस की सबसे शक्तिशाली फ़ौज होगी |

4.रुसी स्पेंत्स्नाज़-

russian spentsnazदुनिया कि सबसे प्राणघातक प्रशिक्षण से होकर गुजरने वाले ये रुसी कमांडो इतने खतरनाक हैं कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी रूस को इन्होने उबारने की काबिलियत दिखाई है | इतना खतरनाक प्रशिक्षण कि यूरोप और अमेरिका में प्रतिबंधित है | पूछताछ में इनसे कुछ भी उगलवाना नामुमकिन है और इन्हें किसी भी प्रकार के दर्द को बर्दास्त करने के बजाय उसे एन्जॉय करना सिखाया जाता है |

5.पाकिस्तान SSG-

Gearing-up-for-an-air-jumpपाकिस्तान भी इस छेत्र में किसी से पीछे नहीं है | ब्रिटिश SAS और अमेरिकन स्पेशल फोर्सेज कि तरह इसे 1956 में “ब्लैक स्ट्रोक” के नाम से तैयार किया गया था | इनकी बहादुरी को देख कर ही एक बार रुसी राष्ट्रपति ने इनके बारे में कहा कि यदि इन्हें हमारे हथियार दे दिए जाएँ तो ये किसी भी जंग में अपना झंडा गाड सकते हैं | हाल में ही आतंक विरोधी गतिविधियों में इनका प्रयास सराहनीय रहा है | पता नहीं क्यों इतनी सक्षम कमांडो फ़ोर्स के होते हुए भी ये देश आतंकवादियों का अड्डा कहलाना पसंद करता है |

6.डेल्टा फ़ोर्स (USA)-

delta-force-armyप्रथम Special Force Operational Detachment-Delta(1st SFOD-D), मुख्य रूप से डेल्टा के नाम से विश्व प्रसिद्ध इस कमांडो फ़ोर्स को दुनिया की सबसे खतरनाक और तेज कार्यवाई करने वाला माना जाता है | अमेरिका के खुफिया बलों में इसका स्थान सबसे ऊपर था | जब 1997 में विभिन्न आतंकवादी गतिविधियों के बाद इसे सार्वजनिक तौर से प्रदर्शित किया गया | इसका संस्थापक/सह संस्थापक भूतपूर्व ब्रिटिश 22 स्पेशल एयर सर्विस का एजेंट था जिसने ब्रिटिश कमांडो फ़ोर्स SAS की तर्ज पर ही अमेरिका में डेल्टा फ़ोर्स को तैयार किया | डेल्टा फ़ोर्स का प्रमुख काम आतंकवादी गतिविधियों को रोकना तथा अन्य राष्ट्रविरोधी ताकतों को रोकना है, जिसके लिए अमेरिकी सरकार ने इन्हें अत्याधुनिक हथियारों से सुसज्जित कर रखा है |

7.JW-GROM,पोलैंड –

jw gromइसका पूरा नाम Jednostka Wojskowa GROM है जो पोलैंड का आतंकवाद विरोधी एक अत्यंत सक्षम बल (Force) है | जुलाई 13,1990 को पोलैंड में आंतक के भय के कारण इस फ़ोर्स को बनाया गया था | ग्रोम का अर्थ ‘तूफ़ान’ होता है जो कि पोलैंड कि पांच प्रमुख सुरक्षा बलों में से एक है | नवीनतम तकीनीक के हथियारों और अपने मजबूत हौसलों से इन जवानो ने कई बार दुश्मनों के मैदाने-जंग में पसीने छुडाये है | सीमा पार हो रही गतिविधियों पर भी इनकी पैनी नजर रहती है |

8.GSG 9,जर्मनी –

gsg germany21972 से अब तक 1500 से अधिक सफल ऑपरेशन में अपना नाम रोशन करने वाले इस कमांडो सुरक्षा बल ने अब तक सिर्फ 5 ऑपरेशन में असफलता का मुंह देखा है | ग्रीष्म ओलंपिक खेलों में 11 इसराइली खिलाडियों के बंधक बनाये जाने कि घटना के बाद सन 1973 में सैवाधानिक रूप से इनका गठन किया गया था | विभिन्न प्रकार के सुरक्षा ऑपरेशन , स्नाइपर ऑपरेशन या दुश्मन ठिकानों को नेस्तानाबूत करने में इन सिपाहियों को महारत हासिल हैं |

9.GIGN, फ्रांस –

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National Gendarmerie Intervention Group या GIGN नाम से विख्यात इस सुरक्षा बल के नाम से ही भय दिल में बस जाता है |1973 में भविष्य के किसी भी खतरे से निपटने के लिए तैयार की गयी इस फ़ोर्स को हर तरह की परिस्थितियों से निपटने की ट्रेनिग दी गयी है |

10. EKO कोबरा,ऑस्ट्रिया –

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इसे Einsatzkommando Cobra के नाम से भी जाना जाता है | इसकी स्थापना 1978 में की गयी थी | युद्धों में अपनी सक्रियता और तेजी के बावजूद भी इसे पता नहीं क्यों नीचे स्थान दिया गया है | इस बल के नाम हवा में ही प्लेन हाईजैक को नेस्तनाबूत करने का अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज करा रखा है |

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