भोजेश्वर महादेव मंदिर – यह है दुनिया का एक ही पत्थर से बना हुआ पूरे विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग

0
1773

http://futafrica.net/meest/snezhnaya-koroleva-magnitogorsk-katalog.html снежная королева магнитогорск каталог  

http://steinmansez.com/library/bolit-menisk-chto-delat.html болит мениск что делать Bhojeshwar Temple

расписание электричек из петербурга в вишеру малую मध्य प्रदेश कि राजधानी भोपाल से 32 किलो मीटर दूर स्तिथ भोजपुर से लगती हुई पहाड़ी के ऊपर एक विशाल, अधूरा शिव मंदिर हैं। यह मंदिर पूरे देश में भोजपुर शिव मंदिर या फिर भोजेश्वर मंदिर के नाम से प्रसिद्ध हैं।  भोजपुर के इस शिव मंदिर का निर्माण परमार वंश के प्रसिद्ध राजा भोज (1010 ई – 1055 ई ) के द्वारा किया गया था। इस मंदिर कि अपनी कई विशेषताएं हैं।

http://constell-group.com/priority/sovershenstvovanie-metodov-sotsialnogo-upravleniya.html совершенствование методов социального управления १) इस मंदिर के भीतर स्थित शिवलिंग विश्व का एक ही पत्थर से निर्मित सबसे बड़ा शिवलिंग हैं। इस शिवलिंग कि लम्बाई 5.5 मीटर (18 फीट ), व्यास 2.3 मीटर (7.5 फीट ), तथा केवल लिंग कि लम्बाई 3.85 मीटर (12 फीट ) है।

Bhojpur Linga and pedestal
Bhojpur Linga and pedestal

жарим камбалу видео २) भोजेश्वर मंदिर के पीछे के भाग में बना ढलान है जिसका उपयोग निर्माणाधीन मंदिर के समय विशाल पत्थरों को ढोने  के लिए किया गया था। पूरे विश्व में कहीं भी किसी भी खण्डों को संरचना के ऊपर तक पहुंचाने के लिए ऐसी प्राचीन भव्य निर्माण तकनीक उपलब्ध नहीं है। यह एक प्रमाण के तौर पर है जिससे इस बात का खुलासा हो गया कि आखिर कैसे 70 टन भार वाले विशाल पत्थरों को मंदिर के शीर्ष तक पहुँचाया जाता था I

сколько карт в классическом наборе ३) भोजेश्वर मंदिर का निर्माण अभी भी अधूरा है I हालाँकि इस मंदिर का निर्माण अधूरा क्यों है इस सम्बन्ध में इतिहास में कोई पुख्ता प्रमाण तो नहीं है पर ऐसा कहा जाता है कि यह मंदिर एक ही रात में निर्मित होना था परन्तु छत का काम पूरा होने के पहले ही सुबह हो गई इसलिए काम अधूरा रह गया।

дверца для кошек своими руками ४)इस मंदिर की पांचवी विशेषता इसके 40 फीट ऊचाई वाले इसके चार स्तम्भ हैं। गर्भगृह की अधूरी बनी छत इन्हीं चार स्तंभों पर टिकी है।