सुविचार – लिख रहा हूँ अंजाम जिसका

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लिख रहा हूँ मैं अंजाम जिसका कल आग़ाज आयेगा !

मेरे लहू का हर एक कतरा इंकलाब लायेगा !

मैं रहूँ या न रहूँ पर यह वादा हैं तुमसे मेरा,

कि मेरे बाद वतन पे मरने वालों का सैलाब आयेगा !!

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