योगी और मोदी सरकार के लिए बडी चुनौती बनी एनटीपीसी

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 रायबरेली (ब्यूरो)- विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में विव की महारत्ना कम्पनी बनी एनटीपीसी राज्य व केन्द्र सरकार के लिए चुनौती बनकर खडी है। हम बात कर रहे है जनपद के ऊँचाहार में स्थित एनटीपीसी परियोजना की इकाई की जो कि लक्ष्य से परे हटकर कार्य कर रही है।

केन्द्र में मोदी सरकार बनी तो पीएम नरेन्द्र मोदी ने गंगा नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने का संकल्प लिया और स्वयं निकल पडे गंगा जी की सफाई के लिए। उन्होने काशी से लेकर देश के कोने-कोने में जाकर गंगा सफाई की लेकिन कुछ ही दिनों गंगा सफाई का मामला ढीला हो गया।

पीएम मोदी और देश के तमाम संगठनों ने मिलकर मां गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाना चाहा लेकिन ऐसा नही हो सका। आपका ध्यानाकर्षण करना चाहेंगें एनटीपीसी की ऊँचाहार परियोजना की ओर। एनटीपीसी का मुख्य गंदा नाला नगर से होते हुए कल्यानी गांव के पास गंगा नदी से मिलाया गया है। इस नाले के माध्यम से एनटीपीसी परियोजना की सारी गंदगी का प्रवाह गंगा नदी में होता है।

प्रकरण कई बार मीडिया की सुर्खियों में आया लेकिन मामला ज्यों का त्यों रहा आज भी एनटीपीसी का सारा कचडा यहां तक की मल मूत्र आदि इसी नाले के माध्यम से गंगा नदी में मिलाया जाता है। बात करें योगी सरकार की तो उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्य नाथ जी के सपथ ग्रहण के बाद गंगा सफाई की मुहिम में थोडी सी जान आयी लेकिन उनका भी ध्यान गंगा नदी के जल को दूषित करने वाले एनटीपीसी के इस नाले पर नही पडी।


ये है एनटीपीसी का लक्ष्य-

एनटीपीसी के जिम्मेदारों को हम याद दिलाना चाहेंगें कि एनटीपीसी का लक्ष्य है विवनीय विद्युत संबंधित उत्पाद एवं सेवाएं प्रतिस्पर्धी मूल्यों पर विकसित एवं उपलब्ध कराना। विभिन्न ऊर्जा स्रोतों को एकीकृत करते हुए नवप्रवर्तक और अनुकूल प्रौद्यौगिकों के साथ समाज को योगदान प्रदान करना। न कि समाज में प्रदूषण फैलाना।


प्रदूषण विभाग और परियोजना की सांठगांठ-

प्रदूषण विभाग और एनटीपीसी परियोजना का गठजोड तो लम्बे समय से चला आ रहा है। प्रदूषण विभाग की वार्षिक रिपोर्ट हर वर्ष एनटीपीसी को क्लीन चिट दे कर उसे पाक साफ करार देती है लेकिन वास्तविकता में एनटीपीसी के कचडे से भरे इस नाले की तस्वीर स्वयं ही ये  स्पष्ट करने के लिए काफी है कि कितना प्रदूषण इस नाले के रास्ते गंगा नदी में फैलाया जा रहा है।

जिम्मेदारों की चुप्पी-

एनटीपीसी ऊँचाहार के समूह महाप्रबंधक विनोद चौधरी से जब इस प्रकरण को लेकर संपर्क किया तो उन्होने यात्रा में होने का हवाला देकर फोन काट दिया।

एनटीपीसी का ये नाला सरकार के लिए बडी चुनौती-

अब यहां सबसे बडा सवाल ये है कि गंगा सफाई का दम भरने वाली योगी और मोदी सरकार एनटीपीसी के इस नाले पर ध्यान क्यों नही दे रही हैं। इन दोनों सरकारों के सामने एनटीपीसी का ये नाला एक चुनौती के रूप में बनकर  खडा है।

रिपोर्ट- अनुज मौर्य/सर्वेश

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