योगी को भी चकमा देने से बाज नहीं आ रहे है अधिकारी

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बलिया (ब्यूरो)- प्रदेश की योगी सरकार भ्रष्टाचार खात्मा को लेकर तरह-तरह का हथकंडा अपना रही है, लेकिन कुछ अधिकारी सरकार को चकमा देने से बाज नहीं आ रहे है। बात यदि जिला पंचायत विभाग की हो तो स्थिति स्वत: साफ हो जायेगी। यहां गोलमाल के अनेकों जिन्न बोतल में बंद है, जिसे खोलने में सीडीओ का मंत्र भी कभी-कभी बौना नजर आने लगता है। वैसे जिला पंचायत राज अधिकारी ने सीडीओ के एक आदेश को अमलीजामा पहनाते हुए गड़वार ब्लाक के बलेजी के ग्राम पंचायत अधिकारी को सस्पेंड कर दिया।

देखना दिलचस्प होगा कि बैरिया ब्लाक के दयाछपरा व नगरा ब्लाक के खारी गांव पर जिला पंचायत अधिकारी का रूख क्या होता है, क्योंकि ये दोनों मामले करीब 30 लाख से अधिक सरकारी धन के गड़बड़झाले का है। प्रधानमंत्री आवास योजना में अपात्रों के चयन के मामले में सीडीओ संतोष कुमार ने गड़वार ब्लाक के बलेजी गांव के ग्राम पंचायत अधिकारी जवाहर राम तथा पियारिया के ग्राम विकास अधिकारी मनोज राम को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया था।

सीडीओ का आदेश मिलने के साथ ही डीडीओ शशिमौली मिश्र ने मनोज कुमार को सस्पेंड कर दिया था, लेकिन डीपीआरओ की कलम जवाहर राम के खिलाफ नहीं चल पा रही थी। आदेश के एक सप्ताह बाद भी कार्रवाई न होने से की बात किसी तरह सीडीओ तक पहुंच गई। सूत्रों की माने तो सीडीओ ने इस मामले में डीपीआरओ का क्लास भी लिया। खुद को घिरता देख डीपीआरओ ने अपने चहेते ग्राम पंचायत अधिकारी जवाहर राम को मंगलवार की शाम को ही निलम्बित कर दिया।

विभागीय सूत्रों की माने तो वित्तीय वर्ष 2015-16 में बैरिया ब्लाक की ग्राम पंचायत दयाछपरा में शौचालय मद से 26 लाख रुपये के गोलमाल का मामला प्रकाश में आया था। उसमें तमाम अनियमिताएं भी मिली थी। बावजूद इसके अभी तक मामला ठंडे बस्ते में पड़ा है। उसी तरह नगरा के निर्मल गांव खारी में भी शौचालय निर्माण में सरकारी धन का खेल खेला गया था। लेकिन इस प्रकरण को भी विभाग ने बोतल में बंद कर दिया है।

रिपोर्ट- संतोष कुमार शर्मा

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