योगेंद्र यादव ने दिल्ली वालों के लिए आईवीआर से जारी किया अपना ऑडियो संदेश

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प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली (ब्यूरो)- स्वराज इंडिया के ज़्यादातर उम्मीदवारों को “सीटी” चुनाव चिन्ह मिलने के बाद पार्टी ने एक अनोखे चुनाव अभियान की घोषणा की है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने नांगलोई एवं रिठाला विधानसभा में अपने रोडशो के दौरान “सीटी बजाओ” अभियान की औपचारिक घोषणा की।

योगेंद्र यादव ने बताया कि स्वराज इंडिया की “सीटी” पहरेदार की सीटी है, चौकीदार की सीटी है। ये वो सीटी है जो चोरी रोकने के लिए बजाई जाती है। ये उस रेफ़री की सीटी है जो फ़ाउल होने पर बजाई जाती है, कुछ भी गलत होने पर बजाई जाती है। स्वराज इंडिया की ये सीटी जनता को जगाने और बेईमानों को भगाने का काम करेगी।

“सीटी बजाओ” अभियान की घोषणा करते हुए योगेंद्र यादव ने दो मुख्य अपील किये – स्वराज इंडिया के वॉलंटियर्स इस सीटी के माध्यम से जनता को जगाएं और दिल्ली की जनता इस सीटी के माध्यम से भ्रष्ट और बेईमानों को भगाएं।

योगेंद्र यादव ने दिल्ली की जनता से अपील किया कि जहाँ कहीं भी कोई नेता झूठ बोल रहा हो, गलत या अन्याय कर रहा हो, भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहा हो, जनता को ठग रहा हो तो वहीं उसी वक़्त सीटी बजाएं। स्वराज इंडिया के “सीटी बजाओ” अभियान से ये स्पष्ट हो जाएगा कि दिल्ली के नागरिक अब ड्रामा, जुमला और घोटाला बिलकुल बर्दाश्त नहीं करेंगे।

रात को दिल्ली की गली-गली, बस्ती-मोहल्ले में सीटी बजा कर जहां चौकीदार आपको सजग करता है, वहीं दिन के उजाले में आपकी आँख के सामने धोखाधड़ी चलती है। दिल्ली गन्दगी में सड़ती रही, लेकिन ये सभी दल एक दूसरे पर दोषारोपण का खो-खो खेलते रहे। दिल्लीवासी डेंगू-चिकनगुनिया से मरते रहे, ये ओछी राजनीती करते रहे।

स्वराज इंडिया ने तय किया है कि दिल्ली की पहरेदारी की ज़िम्मेदारी का-
निर्वाहन करेंगे। पहरेदार की सीटी अब दिन में भी बजेगी। बहुत हुआ भ्रष्टाचार, बहुत हुआ खेल-तमाशा, अब दिल्ली जागेगी। अब दिल्ली ऐसे उम्मीदवारों को अपना साथ देगी जो उनके बीच से, इस तंत्र के विरुद्ध खड़े होंगे, दिल्ली के प्रहरी बनकर।

इतिहास गवाह है कि जब जब देश की जनता थक हार कर बैठी है, तब तब नयी ऊर्जा ने उसे अपना अधिकार वापिस लेने के लिए प्रेरित किया है। दिल्ली की जनता ने कुछ ऐसी ही आशा के साथ दो साल पहले प्रचंड बहुमत से आम आदमी पार्टी को चुना था। उसने सिरे से भाजपा और कांग्रेस के भ्रष्ट तंत्र को नकारा था – लेकिन आम आदमी पार्टी की सरकार ने उनके इस सपने को चकना चूर कर दिया। लेकिन इसका मतलब यह तो बिलकुल नहीं है कि भाजपा और कांग्रेस के पाप धुल गए हैं। दिल्ली के सपने आज भी अधूरे हैं। जनलोकपाल आन्दोलन की ऊर्जा को दिल्ली जाया नहीं होने देगी। वो आज भी सच्चे और इमानदार राजनीती की आशा लगाए बैठी है।

जिस तरह दिल्ली ने पहले एक रेफरी बनकर भाजपा-कांग्रेस के भ्रष्टाचार को आउट करते हुए सीटी बजायी थी, वैसे ही अब फिर जुमला, ड्रामा और घोटाला से मुक्ति के लिए दिल्ली के नागरिक फिर सीटी बजायेंगे।

स्वराज इंडिया ने एमसीडी के चुनावों में सच्चे, कर्मठ, इमानदार उम्मीदवार उतारे हैं। दिल्ली सरकार ने साज़िश करके जहां स्वराज इंडिया को चुनाव चिन्ह से महरूम किया, वहीं पार्टी की एक-जुटता ने नयी राह निकाली। और स्वराज इंडिया के अधिकतर उम्मीदवारों को “सीटी” चुनाव चिन्ह मिल गया है। अब दिल्ली की जनता मिलकर भाजपा-कांग्रेस-आम आदमी पार्टी के झूठ को आउट करेंगे। स्वराज इंडिया को पूरा विश्वास है कि भारत की राजधानी दिल्ली, जहां जनलोकपाल आन्दोलन को अभूतपूर्व समर्थन मिला, जहां निर्भया काण्ड के बाद दिल्ली प्रहरी की तरह खड़ी हो गयी, वहीं देश का दिल, दिल्ली, एक बार फिर देश को राह दिखायेगी।

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