सिर्फ हवाई वादे बनकर ही रह गया योगी का गड्ढ़ा मुक्त सड़क अभियान

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जालौन (ब्यूरो) प्रदेश के मुख्यमंत्री की 15 जून तक गड्ढा मुक्त सड़कों की घोषणा के बावजूद धरातलीय स्तर पर इसका कोई प्रभाव नहीं दिखा। 15 जून बीत जाने के बाद भी ग्राम रूरा से बंगरा तक का सड़क के नाम पर सिर्फ बड़े-बड़े गड्ढे, गिट्टी व धूल दिखाई देती है। सड़क पर धूल उड़ने से वाहन चालकों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। तो वहीं, बारिश होने पर कीचड़ ही कीचड़ नजर आता है। उक्त मार्ग पर रोजाना सैंकड़ों छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है। परंतु जर्जर मार्ग के कारण आए दिन दुर्घटनाऐं एवं जाम की स्थिति बनी रहती है।

जालौन-बंगरा मार्ग वर्षों से अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा था। लगभग तीन वर्ष पूर्व जैसे-तैसे जालौन से रूरा तक की सड़क तो बन गई, परंतु ग्राम रूरा पहुँचते ही सड़क का निर्माण कार्य बंद कर दिया गया। तब से अब तक ग्राम रूरा से बंगरा तक 5 किलोमीटर का मार्ग अभी भी निर्माण के लिए तरस रहा है। इसके बाद प्रदेश की सड़कों को 15 जून तक गड्ढा मुक्त करने की मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद यहां के लोगों को उम्मीद थी कि चलो अब कुछ दिन बहुरेंगे। वर्तमान में उक्त मार्ग की हालत यह है कि इसमें सड़क के नाम पर सिर्फ बड़े-बड़े गड्ढे, गिट्टी व धूल ही दिखाई देती है। उक्त मार्ग से निकलने वाले वाहन आए दिन बड़े-बड़े गड्ढों में फंसे नजर आते हैं। तो वहीं, पानी बरने पर कीचड़ में वाहन फसंने से उक्त मार्ग पर आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। इतना ही नहीं दर्जनों दोपहिया वाहन चालक इन गड्ढों में गिरकर घायल हो चुके हैं। वहीं बसों आदि में बैठे यात्री भी उक्त मार्ग पर लगन वाले झटकों से चुटहिल हो चुके हैं। इतना ही नहीं उक्त मार्ग पर चलने में जरा सी भी असावधानी होने पर आपको दुर्घटनाग्रस्त होने से कोई नहीं बचा सकता।

वहीं वाहन चालक बब्लू, राजकुमार, सुनील कुमार, रिंकू आदि बताते हैं कि बड़े वाहन चलाते समय यदि कोई वाहन इन गड्ढों में फंस गया तो फिर वह आसानी से बाहर नहीं निकल सकता। सिंगल रोड होने के कारण छोटे वाहनों को साइड भी देनी होती है, ऐसे में कई बार बड़े वाहन इन गड्ढों में फंसकर वाहन का कोई न कोई सामान तुड़वा बैठते हैं। इसके अलावा यदि आपके आगे कोई वाहन चल रहा हो तो उसके पीछे उड़ती धूल के कारण आपको सड़क पर कुछ नहीं दिखाई देगा। इसके अलावा बारिश में इतना कीचड़ हो जाता है कि कोई न कोई वाहन स्लिप होता रहता है। ऐसे में भी हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

वहीं ग्राम बंगरा निवासी धर्मेंद्र श्रीवास्तव, सुशील कुमार पचैरी आदि कहते हैं कि उन्हें जब भी जालौन की ओर जाना होता है तो बंगरा से रूरा तक पहुँचने में काफी हालत खराब हो जाती है। इतना ही नहीं सड़क पर बड़े,बड़ गड्ढे होने से सीटों पर बैठे यात्री भी झटकों से चुटहिल हो जाते हैं। यह लोग बताते हैं कि ग्रामीणों द्वारा कई बार प्रशासन से उक्त सड़क को बनवाए जाने की माँग की जा चुकी है, परंतु अभी तक अफसरों के कानों पर जूं भी नहीं रेंगी है। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद उम्मीद थी कि उक्त सड़क कुछ ठीक हो जाएगी। लेकिन यह दावे भी हवा हवाई ही साबित हुए हैं। ग्राम रूरा व बंगरा के सैकड़ों ग्रामीणों द्वारा एक बार फिर मांग की गई है कि उक्त सड़क का शीघ्र ही निर्माण कराया जाए, अन्यथा की स्थिति में ग्रामीण जन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

रिपोर्ट – अनुराग श्रीवास्तव

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