योगी सरकार के प्लास्टिक बैन के फैसले से बढ़ी खादी के बने राष्ट्रीय ध्वज की मांग

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मुरादाबाद (ब्यूरो): इस बार प्लास्टिक के तिरंगे पर प्रतिबन्ध लगा दिया है। जिस कारण इस बार गांधी आश्रम में खादी के बने राष्ट्रीय ध्वज की मांग बढ़ रही है। सूबे में योगी सरकार के पोलीथिन बैन का असर अभी कितना है ये आने वाले समय में पता चलेगा। लेकिन इस फैसले से गांधी की खादी को बड़ा बल मिलता दिख रहा है। इस बार प्लास्टिक के तिरंगे पर पूरी तरह प्रतिबन्ध लगा दिया है। जिस कारण इस बार गांधी आश्रम में खादी के बने राष्ट्रीय ध्वज की मांग बढ़ रही है। बड़ी संख्या में लोग तिरंगा लेने पहुंच भी रहे हैं। खादी ग्रामोद्योग के अधिकारी अगले एक दो दिनों में रिकॉर्ड खरीद की उम्मीद जता रहे हैं।

सचिव खादी ग्रामोद्योग मुरादाबाद रवि शंकर शर्मा के मुताबिक इस बार प्लास्टिक का झंडा बैन होने से हमारे यहां बड़ी संख्या में लोग तिरंगा लेने आ रहे हैं। इससे न सिर्फ खादी को फायदा होगा बल्कि उससे जुड़े ग्रामीण अंचल के काफी लोगों को फायदा होगा। उन्होंने अपील भी कि प्लास्टिक के बजाय खादी के तिरंगे के उपयोग करें। उन्होंने खरीद के मुताबिक स्टाक होने की बात कही। वहीँ इसके साथ उन्होंने पीएम मोदी की अपील से भी लोगों से जुड़ने को कहा कि कम से कम आप एक खादी का कपडा जरुर खरीदें इससे आपका राष्ट्र में योगदान देंगे।

खादी केंद्र पर 500 रुपये से लेकर 1500 रुपये तक का तिरंगा मौजूद है। और जो भी मानक तिरंगे को लेकर निर्धारित हैं उसकी अनुरूप में हैं। ज्यादातर स्कूल और सरकारी दफ्तरों के लोग तिरंगा खरीदने आ रहे हैं। लेकिन प्लास्टिक बैन से अब आम लोग भी खादी का तिरंगा ही खरीद रहे हैं। इन नेताओं का महागठबंधन से पहले यहां से फाइनल हुआ टिकट!
यहां बता दें कि 1 जुलाई से पूरे प्रदेश में प्लास्टिक पोलीथिन पूरी तरह बंद कर दी गयी है। वहीँ अब इसके बाद अन्य पोलीथिन भी बंद करने की कवायद की जा रही है। जिसे गांधी जयंती तक अमली जामा पहनना अधिकारीयों को निर्देश हैं। सरकार के इस कदम से खादी उद्योग से जुड़े लोग बेहद आशान्वित हैं कि इसके बाद उनके यहां जरुर डिमांड बढ़ेगी

हालाकि दुकानदार प्लास्टिक कि थेलीयो को बंद करने को अच्छा तो कहाँ रहे हे पर चोरी छुपे स्तेमाल भी कर रहे हे
कुछ दुकानदारों का कहना हे कि सरकार ने प्लास्टिक थेलीयो पर प्तिबण्ढ लगाया हे पर फेक्ट्री अभी तक चालू हे थेलीयो कि फेक्ट्री भी बंद होनी चाहिए | जब ठेलिए बनेंगी नही तो स्तेमाल भी नही होगा | चोरी छिपे प्लास्टिक कि थेलिया का स्तेमाल होना स्थानिये प्रशासन का ही फ़ेलियर कहा जा रहा हे | दुकान दार अकरम ने तो कहा कि जो बड़ी कम्पनियो से प्लास्टिक कि थेलीयो मे पेकीण्ग आती हे उसे भी बंद करना चहिए |

रिपोर्ट- सुधीर गोयल

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