योगी जी वादे केवल काजग तक ही सीमित

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सफीपुर/उन्नाव(ब्यूरो)- मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के आम लोगों से सम्बंधित कार्य अभी केवल कागजो तक ही सीमित नज़र आ रहे है, कहने को तो लोग यहाँ तक कहते है कि सबका साथ सबका विकास का दावा भी इस उदहारण से बेईमानी नज़र आता है, गरीबो को अपना पेट भरने पर दर दर की ठोकरे खानी पड़े।

जबकि जनता के लोकप्रिय बिधायक सप्ताह में एक बार जनता दरबार लगते है। और वहाँ भी फरियादियो की भीड़ से हाल खचाखच भरा रहता है। लेकिन आने वाले परिणामों को देख लगता है कि फरियादियो की तहरीर रद्दी की टोकरी तक ही सीमित है।

हमारे क्षेत्र में राशन माफियाओं के बढ़ते प्रभाव को लेकर उनके खिलाफ कोई भी नही बोलता है।

अगर कोई बोलने की कोशिश करता है तो उसको देख लेंगे कहकर आवाज को दबा दिया जाता हैं, जबकि क्षेत्र में एक्का दुक्का कोटेदारो को छोड़कर सब के सब आलाधिकरियो की साठ गाँठ से काली कमाई करने में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं।

इसी प्रकार की काली कमाई व राशन कार्ड में कोटेदार द्वारा हेराफेरी को लेकर सफीपुर क्षेत्र के गांव देवगांव के करीब  एक सैकड़ा लोग तहसील दिवस के मौके पर  उपजिलाधिकारी से मिले औऱ पारदर्षिता से जांच करा उचित न्याय की मांग की है।

जबकि उपजिलाधकारी ने कहा कि गरीबो का हक नहीं छिनेगा बारीखी से जांच कर काली कमाई कर रहे लोगों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।

वही पर ग्रामीणों का आरोप हैं कि ग्राम पंचायत का कोटेदार अंत्योदय राशन कार्ड का पैतीस किलो राशन 85 के बजाय 100 रुपये लेता है और जिसमे 35 किलो राशन के स्थान पर 31 किलो ही राशन वितरण किया जाता है और मिट्टी का तेल एक लीटर की जगह पर 800 ग्राम ही दिया जाता हैं।

जो नियम के विरुद्ध अपराध की श्रेणी में आता है और ग्रामीणों का कहना है कि दस प्रतिशत लोग ही पूरी लिस्ट में पात्र हैं शेष 90  प्रतिशत लोगो मे 180 परिवार जोकि मऊ मनशूरपुर, छुही, इधनी मऊ, ऊँची मऊ आदि गांवों के फर्जी तरीके से नाम लगाकर कोटेदार पूरा क  पूरा राशन हड़प कर गरीबो के पेट से निवाला छीन रहा है हद तो तब हो गई, जब तब कुछ परिवार ऐसे भी देखे गए|

जोकि कोटे के राशन के बदौलत अपनी जीविका चलते थे, लेकिन आज की हकीकत यह है वह परिवार घर घर जाकर दुसरो के परिवार से अनाज मंगकर लाते हैं और अपनी जीविका चलते हैं। ऐसे में करीब 200 नाम ऐसे भी है जिनके पास पांच बीघे से ऊपर जमीन है और वह लोग अपने परिवार में यह तो
स्वयं का नाम यह भर परिवार में किसी एक का नाम मुखिया के तौर पर फर्जी तरीके से अंकित है|

जब कि कोटेदार  पात्र ग्रहस्थी का राशन पांच किलो पर यूनिट के स्थान पर  चार किलो ही पर यूनिट देता है। वही ग्रामीणों का आरोप है कि कोटेदार ने पूर्ति बिभाग में रुपये देकर पात्र ग्रहस्थी  में करीब सैकड़ो नामो में हेरा फेरी का आरोप लगाते हुए बताया कि पात्रो को राशन नही मिल पा रहा है।

जबकि कुछ लोगो ने बताया कि कोटेदार रामचन्द्र रौब दिखाकर कहता है कि तुम लोग मेरा कुछ नहीं कर सकते होग इसी रौब के चलते ग्रामीणों ने पुनः दुकान चयनित की जाने की मांग की है|

रिपोर्ट-रामजी गुप्ता

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