भारत की युवा वैज्ञानिक ने वो कर दिखाया जो पिछले 70 सालों से सारी दुनिया के वैज्ञानिक ना कर सके

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                                                                                  Image Source – TCI

भारत की युवा वैज्ञानिक नीना गुप्ता ने विश्व पटल पर एक बार फिर भारत की बौधिक क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है, शकुन्तला देवी के बाद इस बार नीना गुप्ता ने गणित के क्षेत्र में अद्वितीय सफलता प्राप्त की है |

भारत की इस बेमिसाल प्रतिभा ने पिछले 70 सालों से सारे विश्व के गणितज्ञों और वैज्ञानिकों के लिए चुनौती बन चुकी गणित की एक समस्या (सवाल) का हल किया है, गणित की समस्या को Zariski Cancellation Conjecture कहा जाता है |

नीना गुप्ता को अपनी इस बड़ी उपलब्धि के लिए इंडियन नेशनल साइंस अकादमी अवार्ड से सम्मानित किया गया है, इसके अलावां नीना रामानुजन पुरस्कार और टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ़ फंडामेंटल रिसर्च द्वारा सरस्वती कौसिक मेडल भी प्राप्त कर चुकी हैं |

ऐसी सफलताओं के बाद आजकल के युवा अक्सर दूसरे देशों में जाकर अवसरों की तलाश करतें हैं पर उन सबसे अलग हटकर नीना भारत में रहकर INSA में देश की सेवा कर रही हैं साथ ही मुंबई के टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ़ फंडामेंटल रिसर्च और इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टिट्यूट कोलकाता ने आगंतुक फैकल्टी के तौर पर अपनी सेवाएँ दे रही हैं |

नीना अपनी इन उप्लाधियों का श्रेय अपने पिता और अपने पति को देती जिन्होंने समाज की परवाह किये बगैर हर कदम पर नीना का साथ दिया, नीना हमारे इस पुरुष प्रधान समाज के लिए उदाहरण है जो लड़कियों कि शिक्षा और उनकी आज़ादी पर सवाल उठाते हैं | हमें समझना होगा कि समाज में लड़कियों का शिक्षित होना भी उतना ही आवश्यक है जितना कि लड़कों का |

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