बोले युवा, पुलिस पर भारी पड़ती हिंसक भीड़ चिंतनीय

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चिलकहर/बलिया : पुलिस पर हिंसक होती भीड़ पर चिंतन करने की जरूरत है कि आम पब्लिक क्यो हिंसा पर उतर जा रही है बुलंदशहर की घटना की खबर आते ही लोगो मे पुलिस के प्रति आक्रोश दिखा तो  भीड़ मे मारे गये कोतवाल व युवक पर लोगो की आंखे नम हुई पर प्रबुद्ध वर्ग खासा चिंतित नजर आया व आपस मे चर्चा करता रहा तो चौपालों मे विस्तृत रुप से पुलिस पर हिंसक हो रही भीड़ पर खेद प्रकट किया गया तो पुलिसिया कार्यप्रणाली पर भी लोग काफी कुछ कहते नजर आ रहे है।                                       

सेवानिवृत शिक्षक श्याम बिहरी तिवारी ने कहा कि यह सब दो तीन वर्ष मे बदला है नही तो पुलिस का नाम सुनकर लोगो मे भय पैदा होता था व पुलिस भी सत्य की राह पर चलती थी पर आज धन के लालच मे सब पथभ्रष्ट हो चुके है नही तो पहले के दिनो मे सूचना देने पर पुलिस आरोपित व्यक्तियों को पकड़ती थी पर आज थाने बुलाकर चली जाती है जिससे पीड़ित पक्ष को आघात पहुंचता है तो कई मामलो मे मुकदमा भी दर्ज काफी दिनो बाद होता है वहीं पेशे से सिपाही रहे |

राधेश्याम पाण्डेय कहते है कि पुलिस की पैसे की लोलुपता से सबकुछ मटिया मेट होकर रह जा रहा है तो सेना के रिटायर्ड हवलदार जयराम यादव ने कहा कि पुलिस की निष्क्रियता पूर्ण रवैया ही इस तरह की घटनाओ का जिम्मेदार है त्वरित कार्यवाही नही करने पर ही पब्लिक आक्रोशित होकर गलत कदम उठाती है वहीं पहलवान श्रीपति पहलवान का कहना है कि आजादी के बाद से जो चार वर्षो मे पुलिस के इकबाल पर बट्टा लगा है उसकी जिम्मेदार पुलिस के आलाधिकारी व सरकारी नीतियां है जो पुलिस को अपनी तरह से कार्य नही करने दे रही है वहीं अवकाश प्राप्त शिक्षक रामतपेसा यादव का कहना है कि पुलिसिंग मे राजनितिक दखल बंद हो जाय तो सब ठीक होकर रह जायेगा पर जब तक  यह ठीक नही होगा लोग बाग पीसते रहेंगे व जनता पुलिस भीड़ती रहेगी।

रिपोर्ट – संजय पांडेय

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