युवा टीम ने शिक्षा के क्षेत्र में जलाई एक नई मशाल, 1938 में पूर्वजों ने छेङी थी मुहिम

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हरदोई (ब्यूरो) विकास खण्ड कछौना की ग्रामसभा तेरवा दहिगवां के युवा टीमों ने शिक्षा के क्षेत्र में नई अलख जला रखी है। पूर्वजों द्वारा चलाये गये एक छोटे से प्रयास को अपनी मेहनत व ग्रामीणों के सहयोग से ग्रामसभा के मंदिर में शिक्षा का मंदिर पुस्तकालय चलाकर गांव की ग्रामीण प्रतिभाओं को जागरूक कर रहे है ग्रामसभा में पूर्वज शिवदुलारे ने वर्ष 1938 में एक पुस्तकालय की निजी संसाधनों से स्थापना की थी, जो धीरे-धीरे चलता रहा और जिसे आज वर्तमान समय में गांव के युवा साथी सौरभ सिंह, शानू, अजीत, रीशू कुमार दीपू सिंह आदि ने मिलकर पुस्तकालय को नया स्वरूप दिया |

इस पुस्तकालय का नाम सुधार पुस्तकालय रखा गांव की प्रतिभाओं व गणमान्य नागरिकों से पुस्तकालय के लिए सहयोग की अपील की, जिसमें गांव के आईएस आशीष कुमार, समाजसेवी अवनीश कुमार, सरकारी सेवाओं में कार्यरत ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया जिससे ग्रामीण क्षेत्र में एक अच्छा पुस्तकालय स्थापित हो गया, जिसमें ग्रामीण क्षेत्र के नौनिहाल बच्चों को निखरने का मंच तैयार हो गया। जिसमें प्रतिदिन दैनिक समाचार पत्र आते हैं जहां गांव के बड़े-बूढ़े सुबह आकर दुनिया की खबरों से परिचित होते हैं। प्रत्येक माह में ज्ञान अर्जन की पत्रिकाएं आती हैं। पुस्तकालय में यूपी बोर्ड, एनसीआरटी, सीबीएसई बोर्ड की सभी कक्षाओं की पुस्तिकाएं मौजूद हैं साहित्यिक पुस्तकें एवं उपन्यास भी मौजूद हैं आजादी के पूर्व के अखबारों के संकलन है सबसे अच्छी बात है कि नौनिहाल बच्चों का तिमाही परीक्षा के माध्यम से ज्ञान का मूल्यांकन कर उनको पुरस्कृत किया जाता है जिससे गांव की प्रतिभाओं को विभिन्न क्षेत्रों में स्थान आसानी से मिल रहा है। वहीं सरकार की तरफ से कोई सहयोग न मिलने से ग्रामीणों में मलाल भी है शिक्षा के क्षेत्र में अच्छी पहल से आम लोगों को लाभ उठा रहे हैं वही एक अच्छा कदम है |

रिपोर्ट – वाल्मीकि वर्मा

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